नई दिल्ली (भाषा), शनिवार, 28 मार्च 2009
वैश्विक आर्थिक मंदी के प्रभाव से निपटने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले वित्तवर्ष में और प्रोत्साहन की जरूरत होगी। हालाँकि कुछ मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देना होगा।
यह बात योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलूवालिया ने शनिवार को कही। योजना आयोग के विकास दर संबंधी अनुमानों पर उन्होंने कहा कि आँकड़े पाने के लिए कई मॉडलों का इस्तेमाल किया गया है। इस संबंध में हमने प्रधानमंत्री को एक पत्रक भेजा है। योजना आयोग का किसी तरह का अनुमान नहीं है।
अहलूवालिया के अनुसार विकास दर का निश्चित आधार स्तर होता है, जो हमारे हिसाब से लगभग 9 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि संकट तथा प्रोत्साहन के असर के आधार पर आँकड़ा अलग-अलग होता है।
इससे पहले अहलूवालिया ने मौजूदा तथा अगले वित्तवर्ष में विकास दर 7 प्रतिशत से कम रहने का अनुमान लगाया था।
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