कहा- भाजपा नेता प्रधानमंत्री पद के काबिल नहीं
नई दिल्ली (भाषा), मंगलवार, 24 मार्च 2009
भाजपा के पीएम इन वेटिंग लालकृष्ण आडवाणी पर तगड़ा पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने उन्हें अवसरवादी करार दिया और कहा कि आडवाणी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
आडवाणी द्वारा उन्हें कमजोर प्रधानमंत्री करार दिए जाने का करारा जवाब देते हुए सिंह ने सवाल किया कि देश के कल्याण में गृहमंत्री के रूप में आडवाणी का क्या योगदान है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री के रूप में आडवाणी के रिकॉर्ड को ध्यान में रखकर देश को यह तय करना चाहिए कि यह व्यक्ति (आडवाणी) क्या प्रधानमंत्री बनने लायक है?
उन्होंने आडवाणी को अवसरवादी करार देते हुए कहा कि भगवा नेता ने चार साल पहले पाकिस्तान यात्रा के दौरान वहाँ के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की सराहना की थी। सिंह ने कहा कि मैं कमजोर प्रधानमंत्री हूँ या मजबूत, हमारी सरकार का कामकाज इस बारे में विस्तार से बयान करता है।
उन्होंने कहा कि आडवाणी बार-बार उन पर कमजोर प्रधानमंत्री होने का इल्जाम लगाते हैं, लेकिन सभी जानते हैं कि बाबरी मस्जिद विध्वंस में उनकी प्रमुख भूमिका रही और राजग सरकार के दौरान संसद तथा लालकिले पर आतंकी हमले हुए तथा इंडियन एयरलाइंस के एक विमान का आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया।
सिंह ने कहा कि जब आडवाणी गृहमंत्री थे तभी 2002 में गुजरात में नरसंहार हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि आडवाणी ने एक ओर सांप्रदायिक ताकतों का नेतृत्व किया तो दूसरी ओर इतने अवसरवादी भी साबित हुए कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान उन्होंने जिन्ना में धर्मनिरपेक्षता के नए मूल्य भी खोज निकाले।
सिंह ने आडवाणी की खिंचाई करते हुए कहा कि पाकिस्तान यात्रा से लौटने पर उन्हें पार्टी से क्या मिला। आरएसएस के आकाओं के इशारे पर भाजपा ने आडवाणी से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने कहा कि इसलिए आडवाणी मजबूत व्यक्ति हैं या कमजोर रिकॉर्ड खुद ही बोलते हैं। गौरतलब है कि भाजपा के लोकसभा प्रचार में आडवाणी केन्द्रबिन्दु हैं और उसका नारा है- 'मजबूत नेता, निर्णायक सरकार'।
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